चार योगासन करें और दिन भर फिट तंदरुस्त रहे

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       चार योगासन करें और दिन भर फिट तंदरुस्त रहे


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आसन yog
Yog 

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आजकल की इस भागदौड़ की दुनिया मे और समय की बर्बादी को देखते हुए आज दुनिया मे प्रत्येक व्यक्ति अपने स्वास्थय पर गंभीर नही दिखाई दे रहा और अनेक दुर्लभ बीमारियों को समेटे हुए है। जिसके कारण तनाव अनिद्रा डिप्रेशन कुपोषण शोक मोटापा आदि से ग्रसित है।आइए इन्हें दूर करने के लिए जाने और पांच मिनट योगासन करके दिनभर तंदरुस्त और खुश रहे। सबसे पहले योग से परिचित हो जाय!!

योग क्या है??
योग भारत की प्राचीनतम साधक है इनकी उतपत्ति भारत से हुआ। इनका प्रसार प्रराम्भ में बौद्ध धर्म से हिन्दू धर्म जैन धर्म से सम्बंधित निकटतम खाड़ी देशो एवं एशिया के विस्तृत स्थानों पर हुआ। योग से तात्पर्य स्वस्थ तन मन मे आकांक चित मन की प्राप्ति एवं आत्मा से परमात्मा का आत्मसात होना है।

आज योग से पूरी दुनिया परिचित है एवं इनके वैज्ञानिक लाभ से भलीभांति हो पाया है इस कारण योग को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुए है और प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवश के रूप में मनाया जा रहा जो भारत से विश्व की देन है

आइए इन्हें अनेक समुदायों व ग्रन्थो के मतों से समझे

 योग का परिभाषा भगवतगीता में सुख दुख लाभ हानि शत्रु मित्र एवं विवादों का निष्काम समभाव का होना दर्शाया गया है। विष्णुपुराण में आत्मा का परमात्मा से आर्तध्यान होना परिभाषित किया है। इसी प्रकार पतंजलि योग में चित वृत्ति का निरोध होना योग है।

योग के प्रकार

निष्काम भाव से ईश्वर की प्राप्ति के लिए योग महत्वपूर्ण है।मोक्ष शांति प्रशन्नता एवं तल्लीनता का भावविभोर योग द्वारा ही होता है। इस प्रकार साधको का योग की प्राचीनतम  प्रामाणिक ग्रन्थो जैसे गोरक्षशतक एवं शिवसंहिता में योग की चार प्रकार बताया गया है मंत्रयोग, हठयोग, लययोग, राजयोग।

योगासन से दिनभर फिट होने के उपाय
आइए जाने चार आसन और बीमारियों को करे छू मंतर

1)शवासन
इस आसन में जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और शरीर को शिथिल रूप में रखकर अपनी तनाव शोक आदि को न सोचते हुए धीरे धीरे श्वास ले और छोड़ दे। एकाग्रता मनःचित से 5-10 मिनट तक करे।
लाभ- तनाव श्वसन ब्लड प्रेशर मानशिक सोच आदि में कमी आती है।

2)भुजंगासन
भजंग यानी सर्प। आप जमीन पर पेट के बल लेट जाएं और कोहनी को मोड़कर बाजुओं के पास ले आये सिर ऊपर आसमान की ओर रहने दे
लाभ- कब्ज, पेट की चर्बी, रीढ़ की हड्डियां में लचीलापन, गला सम्बंधित रोग दूर हो जाते है।

3)बद्ध कोणासन
इस आसन में जमीन पर बैठ जाये फिर दोनो पैरों व दोनो हाथों को जमीन के बल सटाकर सिर नीचे करें। ध्यान रहे यह आसन अपनी अवस्था अनुरूप धीरे धीरे प्रतिदिन करने से  अभ्यास ठीक होता जाएगा। चोटिल अवस्था मे आसन न करे।
लाभ- पेट के रोग दूर करने , परिसंचरण तंत्र मजबूत, महिलाओं की मासिक धर्म व प्रशव को आसान एवं थकावट व तनाव को दूर करता है।

4)ताड़ासन
इस आसन में शरीर वृक्ष जैसे खड़े होते है इश्लिये इसे ताड़ासन के नाम से जाना जाता है। सीधे पंजो के बल खड़ा होकर दोनो हाथों को ऊपर किये हुए आसमान की ओर सिर  को बनाये रखे।।गर्दन सीधी ओर ऊपर रहे।
लाभ- पैर की हड्डी व पंजो में मजबूती, पाईल्स रोग में लाभदायक, बच्चों की लंबाई वृद्धि व पेट रोग दूर करने में सहायक होती है।

उपरोक्त विषय को पढ़कर आपने योग क्या है योग के प्रकार लाभ व विभिन्न आसनों को जानकर अपनी स्वास्थ्य को किस प्रकार निरोग बना सकते है जाने।
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2 Comments

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Unknown
admin
26 जून 2020 को 10:55 am ×

बहुत खुब आप भी करें

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Unknown
admin
26 जून 2020 को 11:06 am ×

आप बहुत अच्छा सलाह दे रहे हैं

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